
"यदि व्यक्ति के मन में सेवा का भाव, ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा और समाज के लिए कुछ करने का संकल्प हो, तो वह हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।"
समाज में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी पहचान उनके पद, प्रतिष्ठा या व्यवसाय से नहीं, बल्कि उनके संस्कारों, सेवा-भाव, विनम्रता और समाज के प्रति समर्पण से होती है। राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के संयोजक श्री सतीश कुमार गुप्ता ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मानव सेवा, गौ सेवा, धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित किया है।
वे सदैव मानते हैं कि समाज से मिला सम्मान तभी सार्थक होता है, जब उसे सेवा के माध्यम से समाज को लौटाया जाए।
सतीश कुमार गुप्ता का जन्म 2 जनवरी 1967 को धर्मनिष्ठ एवं प्रतिष्ठित कानोडिया अग्रवाल परिवार में स्वर्गीय घनश्याम दास कानोडिया एवं श्रीमती पार्वती देवी कानोडिया के घर हुआ।
उनका पैतृक परिवार मूल रूप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से संबंधित है तथा परम पूज्य बाबा जयरामदास जी पाली वाले के प्रति गहरी श्रद्धा एवं अटूट आस्था रखता है।
परिवार में धर्म, सेवा, गौभक्ति, संत सेवा, अतिथि सत्कार एवं परोपकार की समृद्ध परंपरा रही है। इन्हीं श्रेष्ठ संस्कारों ने उनके व्यक्तित्व को समाज सेवा के मार्ग पर अग्रसर किया।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अग्रवाल शिक्षा समिति द्वारा संचालित अग्रवाल विद्यालय, हैदराबाद से प्राप्त की तथा दसवीं कक्षा तक अध्ययन किया।
विद्यार्थी जीवन से ही वे अनुशासनप्रिय, परिश्रमी और जिम्मेदार रहे। शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने अपने पिता के व्यापार को भी निकट से समझना प्रारंभ किया।
कम आयु में ही उन्होंने अपने पिता के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान ज्योति मेडिकल हॉल की जिम्मेदारियों में हाथ बँटाना प्रारंभ कर दिया।
उन्होंने अपने पिता से सीखा कि व्यापार केवल लाभ अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों का विश्वास जीतने और समाज की सेवा करने का माध्यम भी है।
आज यह प्रतिष्ठान विकसित होकर ज्योति मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड के रूप में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में गुणवत्ता, विश्वास एवं सेवा का प्रतीक बन चुका है।
24 जून 1988 को उनका विवाह श्रीमती आशा रानी गुप्ता के साथ हुआ। उनके परिवार में दो सुपुत्र देवेश गुप्ता एवं कर्णेश कुमार गुप्ता तथा एक सुपुत्री कीर्ति गुप्ता हैं।
परिवार के सभी सदस्य धार्मिक, सामाजिक एवं सेवा कार्यों में सक्रिय रहते हैं तथा भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
सतीश कुमार गुप्ता के जीवन के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत उनके पिता स्वर्गीय घनश्याम दास कानोडिया रहे।
उन्होंने अपने पिता से सीखा कि समाज से प्राप्त सम्मान का वास्तविक प्रतिदान सेवा के रूप में समाज को लौटाना चाहिए। यही कारण है कि उन्होंने व्यापार के साथ-साथ समाज सेवा को अपने जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य बनाया।
सतीश कुमार गुप्ता वर्षों से अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। वे सात युवा समिति, अग्रवाल समाज श्याम मंदिर शाखा (काचीगुड़ा), अग्रवाल समाज तेलंगाना सहित अनेक संस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ सेवा, चिकित्सा सहयोग, धार्मिक आयोजन तथा जनकल्याण के कार्यों में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की स्थापना सेवा, संस्कार और मानवता के महान संकल्प के साथ की गई। इस संगठन की स्थापना एवं उसके निरंतर विस्तार में सतीश कुमार गुप्ता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
आज यह संस्था नियमित अन्नदान, गौ सेवा, चिकित्सा सहयोग, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक आयोजन, जरूरतमंद परिवारों की सहायता तथा विभिन्न जनकल्याणकारी अभियानों के माध्यम से समाज की निस्वार्थ सेवा कर रही है।
इन सभी सेवा कार्यों में सतीश कुमार गुप्ता स्वयं सक्रिय रूप से उपस्थित रहकर सेवा को केवल प्रेरित ही नहीं करते, बल्कि अपने जीवन से उसका उदाहरण भी प्रस्तुत करते हैं।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद केवल सेवा कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का भी सतत प्रयास करता है।
"समाज से मिला सम्मान तभी सार्थक होता है, जब उसे सेवा के माध्यम से समाज को लौटाया जाए।"