Welcome to राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद

Shri Mahesh Agarwal

Coordinator & Founder Member – Radhe-Radhe Group Hyderabad

कुछ व्यक्तित्व केवल अपने व्यवसाय से नहीं, बल्कि अपने संस्कारों, सेवा भावना और मानवीय मूल्यों से समाज में पहचान बनाते हैं। राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के संयोजक एवं संस्थापक सदस्य श्री महेश अग्रवाल ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उनका जीवन इस बात का जीवंत उदाहरण है कि ईमानदारी, कठोर परिश्रम, परिवार के प्रति समर्पण और समाज सेवा का संकल्प किसी भी व्यक्ति को महान बना सकता है।

Foundation of Values

श्री महेश अग्रवाल का जन्म 19 मई 1968 को एक प्रतिष्ठित अग्रवाल परिवार में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय भगवान दास अग्रवाल एवं माता श्रीमती रानी बाई अग्रवाल ने उन्हें बचपन से ही सत्य, सेवा, परिश्रम, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के श्रेष्ठ संस्कार प्रदान किए।

उनका पैतृक निवास नारनौल (हरियाणा) है। बेहतर भविष्य और व्यापारिक संभावनाओं की तलाश में उनके पिता हैदराबाद आए और सीमित संसाधनों के बावजूद अथक परिश्रम एवं ईमानदारी से अपने व्यवसाय की मजबूत नींव रखी। इन्हीं संस्कारों ने महेश अग्रवाल के जीवन की दिशा निर्धारित की।

Education

उन्होंने अपनी प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा हैदराबाद में प्राप्त की तथा यहीं से दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की। विद्यार्थी जीवन से ही उनमें व्यापार के प्रति विशेष रुचि थी। पढ़ाई के साथ-साथ वे अपने पिता के व्यापार में सहयोग करते रहे, जिसने उनके सफल व्यावसायिक जीवन की आधारशिला रखी।

Business Journey

व्यापारिक जीवन की शुरुआत उन्होंने हैदराबाद के रिकाबगंज क्षेत्र से कपड़ा व्यापार के माध्यम से की। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपनी मेहनत, ईमानदारी और ग्राहकों के विश्वास के बल पर व्यापार को निरंतर आगे बढ़ाया।

वर्ष 1989 में उन्होंने भवानी ग्रुप की स्थापना की। इसके बाद मेडिकल एवं कॉस्मेटिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। आज भवानी ग्रुप हैदराबाद, तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश में अपनी विश्वसनीय पहचान रखता है।

उनका मानना है कि व्यापार केवल लाभ कमाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्व निभाने का भी सशक्त माध्यम होना चाहिए।

Family Life

श्री महेश अग्रवाल का पारिवारिक जीवन भारतीय संस्कृति, प्रेम, विश्वास और संस्कारों का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनकी दो बहनें हैं— श्रीमती आशा अग्रवाल एवं श्रीमती ललिता अग्रवाल।

8 मार्च 1988 को उनका विवाह श्रीमती बबीता अग्रवाल के साथ संपन्न हुआ। उनकी धर्मपत्नी ने जीवन के प्रत्येक संघर्ष और सफलता में उनका कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया।

उनके दो सुपुत्र अभिमन्यु अग्रवाल एवं पुष्पक अग्रवाल परिवार की परंपराओं एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को आगे बढ़ा रहे हैं।

उनके जीवन का अत्यंत प्रेरणादायी पक्ष यह भी है कि उन्होंने एक बेटी को अपने परिवार में अपनाकर उसे अपनी सगी पुत्री के समान प्रेम, सम्मान और अधिकार दिया। उन्होंने यह संदेश दिया कि परिवार केवल जन्म से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और आत्मीयता से बनता है।

Social Service Through Radhe-Radhe Group Hyderabad

श्री महेश अग्रवाल के लिए सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य है। वे राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के संयोजक एवं संस्थापक सदस्य हैं।

समूह की स्थापना से लेकर आज तक वे नियमित अन्नदान, गौसेवा, जरूरतमंदों की सहायता, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों तथा मानव सेवा के प्रत्येक अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

उनकी प्रेरणा एवं सहयोग से राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद हजारों लोगों के लिए सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता का प्रतीक बन चुका है।

Social & Religious Associations

  • लायंस क्लब
  • अग्रवाल समाज तेलंगाना
  • अन्य सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संगठन

वे शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण तथा सामाजिक उत्थान से जुड़े अनेक सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय रहते हैं।

Respect for Relationships

श्री महेश अग्रवाल अपने पारिवारिक रिश्तों को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं। उन्होंने अपने साढ़ू श्री कनु अग्रवाल एवं श्रीमती सरिता अग्रवाल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी इकलौती पुत्री का कन्यादान करने का सौभाग्य हमारे परिवार को देना प्रेम, विश्वास और त्याग का अनुपम उदाहरण है।

उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि श्री राधारानी की कृपा सदैव उनके पूरे परिवार पर बनी रहे तथा सभी को सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त हो।

Inspirational Message

"जीवन की वास्तविक सफलता धन कमाने में नहीं, बल्कि लोगों के दिल जीतने, रिश्ते निभाने और मानवता की सेवा करने में है।"

आज श्री महेश अग्रवाल केवल एक सफल उद्योगपति नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, समर्पण और मानवीय मूल्यों के सच्चे प्रतिनिधि हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि यदि व्यवसाय ईमानदारी से किया जाए, परिवार को संस्कारों से जोड़ा जाए और समाज की सेवा को अपना धर्म बना लिया जाए, तो जीवन वास्तव में सफल हो जाता है।

राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की सेवा यात्रा में उनका योगदान सदैव स्वर्णिम अक्षरों में स्मरण किया जाएगा।