Welcome to राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद

Shri Jagat Narayan Agarwal

Founder – Radhe-Radhe Group Hyderabad


"सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और मानवता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है।"

इसी विचार को अपने जीवन का आधार बनाकर समाजसेवा की एक अनूठी मिसाल प्रस्तुत करने वाले श्री जगत नारायण अग्रवाल आज हैदराबाद ही नहीं, बल्कि देशभर के समाजसेवियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। वे राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के संस्थापक हैं। उनके नेतृत्व में यह संस्था प्रतिदिन अन्नदान, गौसेवा, जरूरतमंदों की सहायता, चिकित्सा सेवा, सामाजिक जागरूकता तथा अनेक जनकल्याणकारी कार्यों के माध्यम से हजारों लोगों के जीवन में आशा का संचार कर रही है।

Personal Background

श्री जगत नारायण अग्रवाल का जन्म 1 जनवरी 1958 को हैदराबाद में हुआ। उनका पैतृक निवास राजस्थान के झुंझुनू जिले के शिमला गांव में है। वे एक प्रतिष्ठित अग्रवाल परिवार से संबंध रखते हैं, जिसने व्यापार, सामाजिक सेवा और संस्कारों की समृद्ध परंपरा को सदैव आगे बढ़ाया। उनके पिता श्री रामचंद्रजी तथा माता श्रीमती मैना देवी ने उन्हें सत्य, ईमानदारी, परिश्रम और सेवा के संस्कार प्रदान किए, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बने।

Early Life & Education

परिवार में बड़े भाई बृजमोहन अग्रवाल, रमेश अग्रवाल एवं वेद प्रकाश अग्रवाल तथा बहनें प्रेमलता, रेखा, पुष्पा और बृजरानी हैं। बचपन से ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों को समझते हुए संघर्षपूर्ण जीवन का मार्ग चुना। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अग्रवाल स्कूल, हैदराबाद से प्राप्त की।

आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कम आयु में ही मात्र ₹100 मासिक वेतन पर नौकरी प्रारंभ की। यही संघर्ष उनके जीवन में आत्मनिर्भरता, अनुशासन और कठिन परिश्रम की प्रेरणा बना।

Business Journey

उनका परिवार प्रारंभिक समय में कपड़ा व्यापार से जुड़ा था। बाद में परिवार द्वारा रमेश सोप फैक्ट्री की स्थापना की गई, जिसमें लगभग 100 कर्मचारी कार्यरत थे। व्यापारिक वातावरण में पले-बढ़े श्री जगत नारायण अग्रवाल ने कम उम्र से ही व्यवसाय की बारीकियां सीखीं।

उन्होंने रेखा टेक्सटाइल तथा मनोकामना चिट फंड कंपनी के माध्यम से व्यापारिक अनुभव प्राप्त किया। वर्ष 1990 में उन्होंने पंकज टेक्सटाइल एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की। ईमानदारी, विश्वास और उत्कृष्ट कार्यशैली के कारण उन्होंने व्यापार जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

Family Life

19 नवंबर 1984 को उनका विवाह श्रीमती राजकुमारी अग्रवाल के साथ हुआ। उनकी धर्मपत्नी ने प्रत्येक चरण में उनका साथ दिया तथा समाजसेवा के मार्ग पर निरंतर प्रेरणा एवं सहयोग प्रदान किया।

उनके परिवार में पंकज अग्रवाल, वर्षा अग्रवाल तथा पूनम अग्रवाल हैं, जिन्होंने सेवा एवं संस्कारों की इस परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Social Service Through Radhe-Radhe Group Hyderabad

व्यापार में सफलता प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने जीवन का बड़ा भाग समाजहित के लिए समर्पित कर दिया। इसी उद्देश्य से राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की स्थापना हुई। यह केवल एक संस्था नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का एक जनआंदोलन है।

संस्था प्रतिदिन अन्नदान, गौसेवा, चिकित्सा शिविर, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम तथा आपदा राहत कार्यों का संचालन करती है।

Vision & Mission

श्री जगत नारायण अग्रवाल का मानना है कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व से होती है।

वे लोगों को प्रेरित करते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी आय, समय और क्षमता का एक भाग समाजसेवा के लिए अवश्य समर्पित करे। उनका विश्वास है कि जब प्रत्येक सक्षम व्यक्ति एक जरूरतमंद का हाथ थाम लेगा, तब एक संवेदनशील एवं सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होगा।

Social & Religious Associations

  • लायंस क्लब
  • अग्रवाल समाज तेलंगाना
  • सात युवा समिति, हैदराबाद
  • अन्य अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाएं

उनके नेतृत्व, संगठन क्षमता एवं सकारात्मक सोच ने उन्हें समाज में एक सम्मानित स्थान दिलाया है। उनकी सरलता, विनम्रता एवं सेवा भावना प्रत्येक व्यक्ति को प्रभावित करती है।

Legacy of Service

आज राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद हजारों स्वयंसेवकों, समाजसेवियों एवं दानदाताओं का एक विशाल परिवार बन चुका है, जिसकी प्रेरणा और आधारशिला श्री जगत नारायण अग्रवाल की निस्वार्थ सेवा भावना है।

उन्होंने सिद्ध किया है कि सच्ची सफलता केवल स्वयं आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने में है।

Life Message

"सेवा किसी उपकार का नाम नहीं, बल्कि मानव जीवन का सर्वोच्च कर्तव्य है। जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति मुस्कुराना नहीं सीखता, तब तक हमारी सफलता अधूरी है।"

इसी विचार के साथ श्री जगत नारायण अग्रवाल निरंतर समाज, मानवता और राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर हैं तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सेवा, संस्कार और समर्पण की एक अमिट प्रेरणा बने हुए हैं।