
"व्यक्ति की महानता उसकी संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके द्वारा समाज को दिए गए योगदान से मापी जाती है।"
इस विचार को अपने जीवन का आधार बनाकर समाज सेवा, मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण के पथ पर निरंतर अग्रसर रहने वाले व्यक्तित्व का नाम है—श्री राम प्रकाश अग्रवाल (गोयल पटवारी)। वे एक सफल उद्योगपति, दूरदर्शी उद्यमी, तकनीकी नवाचारकर्ता, संवेदनशील समाजसेवी तथा राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के समर्पित संयोजक हैं। उनका जीवन इस सत्य का सशक्त प्रमाण है कि सफलता का वास्तविक अर्थ केवल स्वयं आगे बढ़ना नहीं, बल्कि अपने साथ समाज को भी आगे बढ़ाना है।
श्री राम प्रकाश अग्रवाल का जन्म 12 अक्टूबर 1962 को तत्कालीन खम्मम जिले में एक प्रतिष्ठित एवं धार्मिक अग्रवाल परिवार में हुआ। उनके पूज्य पिता स्वर्गीय श्री हरचंदराय अग्रवाल तथा पूज्य माता श्रीमती कौशल्या देवी ने उन्हें बचपन से ही सत्य, सेवा, ईमानदारी, परिश्रम, विनम्रता और धर्म के संस्कार प्रदान किए। इन्हीं संस्कारों ने उनके व्यक्तित्व को संवेदनशील बनाया और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत किया।
उनका विवाह 5 मई 1986 को श्रीमती सुनीता अग्रवाल के साथ हुआ। श्रीमती सुनीता अग्रवाल उनके जीवन की सशक्त सहयात्री हैं तथा सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में सदैव उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करती हैं।
उनके परिवार में पुत्र श्री श्रेय अग्रवाल, पुत्रवधू श्रीमती शिल्पा अग्रवाल, पुत्री श्रीमती श्रद्धा अग्रवाल तथा दामाद श्री लोकेश अग्रवाल हैं। पूरा परिवार सेवा, संस्कार, सहयोग तथा भारतीय संस्कृति के आदर्शों को अपनाकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अग्रवाल शिक्षा समिति, हैदराबाद से प्राप्त की तथा बद्रुका कॉलेज ऑफ कॉमर्स, हैदराबाद से वाणिज्य स्नातक (बी.कॉम.) की उपाधि प्राप्त की।
व्यावसायिक जीवन में उन्होंने औषधि क्षेत्र को अपना कर्मक्षेत्र बनाया। अपने परिश्रम, दूरदृष्टि एवं ईमानदार कार्यशैली के बल पर उन्होंने गोयल फार्मा, हैदराबाद को एक प्रतिष्ठित पहचान दिलाई। वर्तमान में वे गोयल फार्मा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) तथा गोयल ड्रग्स, सिकंदराबाद के स्वामी हैं।
तकनीकी क्षेत्र में उनका योगदान भी अत्यंत उल्लेखनीय है। उन्होंने अपने स्वप्न प्रकल्प PharmaPulse का निर्माण कर औषधि व्यवसाय में डिजिटल प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। यह उनकी नवाचारी सोच, तकनीकी दक्षता एवं दूरदर्शी नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण है।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के संयोजक के रूप में श्री राम प्रकाश अग्रवाल ने सेवा को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक आंदोलन का स्वरूप दिया है।
वे मानते हैं कि समाज की वास्तविक समृद्धि केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग, करुणा एवं संस्कारों से होती है। उनका प्रयास है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन का कुछ समय समाज सेवा के लिए अवश्य समर्पित करे।
अपने उत्कृष्ट व्यावसायिक योगदान के लिए उन्हें देश की अनेक प्रतिष्ठित औषधि कंपनियों द्वारा सम्मानित किया गया है। वे सदैव कहते हैं कि उनका सबसे बड़ा सम्मान किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी रोगी को स्वस्थ होते देखना तथा किसी भूखे को भोजन कराना है।
"जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति मुस्कुराना न सीख जाए, तब तक हमारी सफलता अधूरी है। सेवा केवल दान नहीं, बल्कि जीवन जीने की सर्वोत्तम साधना है।"
आज वे अपने कार्यों, विचारों एवं सेवा-भाव से हजारों लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के माध्यम से वे सेवा, समर्पण और सहयोग की ऐसी परंपरा का निर्माण कर रहे हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।